सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में PM Modi, हजार साल की विरासत का संदेश

PM Modi ने रविवार सुबह अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत सोमनाथ में शौर्य यात्रा में भाग लेकर की। यह यात्रा ऐतिहासिक वीरता और आत्मसम्मान के प्रतीक के रूप में आयोजित की गई। इसके बाद सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान सोमनाथ के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इसके बाद लगभग 11 बजे उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर आयोजित जनसभा में भाग लिया और लोगों को संबोधित किया। यह आयोजन सोमनाथ की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गरिमा को समर्पित एक विशेष सांस्कृतिक उत्सव के रूप में आयोजित किया गया है। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और गौरव का वातावरण बना दिया।
शौर्य यात्रा और स्वाभिमान पर्व का ऐतिहासिक संदेश
PM Modi ने शौर्य यात्रा में शामिल होकर उन वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों की प्रतीकात्मक शोभायात्रा निकाली गई जो साहस और स्वाभिमान का प्रतीक मानी जाती है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी के आक्रमण की एक हजारवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। देश भर से सैकड़ों संत और साधु इस अवसर पर सोमनाथ पहुंचे हैं। बार बार विध्वंस और पुनर्निर्माण के बावजूद सोमनाथ मंदिर को आस्था दृढ़ता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है। इस आयोजन के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपरा की शक्ति को एक बार फिर सामने रखा गया।
LIVE: PM Shri @narendramodi takes part in Shaurya Yatra at Shree Somnath Mandir. #SomnathSwabhimanParv https://t.co/PdwnvM0bOo
— BJP LIVE (@BJPLive) January 11, 2026
शनिवार को भी दिखा भव्य आध्यात्मिक आयोजन
शनिवार शाम PM Modi सोमनाथ मंदिर पहुंचे थे जहां उन्होंने सोमनाथ महादेव की महाआरती में भाग लिया। उन्होंने त्रिशूल उठाकर लोगों का अभिवादन किया और 72 घंटे तक चलने वाले ओम जाप कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्र हुए। कार्यक्रम में भगवान शिव को समर्पित भजन और भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया। भव्य आतिशबाजी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने 3000 ड्रोन से तैयार किए गए विशेष ड्रोन शो को भी देखा जिसमें सोमनाथ का इतिहास जीवंत किया गया। ड्रोन शो में त्रिशूल ओम शिव तांडव वीर हमीरजी अहिल्याबाई होल्कर सोमनाथ पर हुए आक्रमण सरदार वल्लभभाई पटेल और स्वाभिमान पर्व का संदेश दिखाया गया।

विकास के कार्यक्रम और सोमनाथ का गौरवशाली इतिहास
आध्यात्मिक कार्यक्रमों के बाद PM Modi राजकोट रवाना हुए जहां उन्होंने व्यापार मेले और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और मारवाड़ी विश्वविद्यालय में एक सम्मेलन को संबोधित किया। शाम को उन्होंने अहमदाबाद मेट्रो के फेज दो के शेष हिस्से का उद्घाटन कर गुजरात को एक और बड़ी विकास परियोजना की सौगात दी। सोमनाथ मंदिर का इतिहास संघर्ष और पुनर्निर्माण की मिसाल है। 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी के आक्रमण से लेकर औरंगजेब के समय तक मंदिर कई बार तोड़ा गया और फिर बनाया गया। आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प से मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और 1951 में इसका पुनः प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ। श्री सोमनाथ ट्रस्ट की स्थापना महात्मा गांधी के सुझाव पर की गई थी और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके अध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सोमनाथ आकर वह स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं और यह स्थान हमारी सभ्यतागत वीरता का प्रतीक है।